August 29, 2025

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या पर नहीं रहेगा अंकुश, ऑनलाइन-ऑफलाइन होगा रजिस्ट्रेशन..

 

 

उत्तराखंड: केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे पवित्र धामों की यात्रा की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। धामी सरकार ने वर्ष 2025 की चारधाम यात्रा को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस वर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या पर कोई सीमा लागू नहीं की जाएगी। अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु ऑनलाइन या ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए बिना किसी संख्या प्रतिबंध के चारधाम के दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे यात्रा अधिक सुलभ, समावेशी और श्रद्धालुओं के लिए सहज होगी। गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि यात्रा नियंत्रण और आपात स्थितियों में प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

उनका कहना है कि यात्रा के दौरान तीर्थ यात्रियों को उम्दा बुनियादी सुविधाओं के साथ ही यातायात व्यवस्था, पेयजल, स्वास्थ्य, पार्किंग आदि पर मुख्यतौर से फोकस किया गया है। पांडे ने कहा कि यात्रा रूट को प्रमुखतौर से 10 किलोमीटर के सेक्टरों में विभाजित किया गया है ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने जानकारी दी कि प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश हैं कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी या असुविधा न हो। पांडे ने यह भी कहा कि इस बार यात्रा केवल सुरक्षित और सुव्यवस्थित ही नहीं, बल्कि ‘हरित और स्वच्छ’ यात्रा के रूप में भी संचालित की जाएगी। सरकार का विशेष ध्यान पूरे तीर्थ क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित करने पर रहेगा। चारधाम यात्रा के दौरान उच्चस्तरीय निगरानी, स्वास्थ्य सुविधाओं, मार्गों की स्थिति और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है।

पांडे ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चारधाम यात्रा के लिए दी गई ‘हरित यात्रा’ टैगलाइन को पूरी गंभीरता से लागू किया जा रहा है। धार्मिक पवित्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से फील्ड अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि तीर्थस्थलों की स्वच्छता और पर्यावरणीय संतुलन से कोई समझौता न हो। सरकार तीर्थयात्रियों से भी अपील करेगी कि वे यात्रा मार्गों पर कचरा न फैलाएं, प्लास्टिक का उपयोग न करें और पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाले किसी भी कार्य से बचें। मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं। इसके तहत स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन व्यवस्थाएं और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

हर 10 किलोमीटर पर होगी नजर..

गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार यात्रा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए प्रशासन ने एक विशेष प्लान तैयार किया है। अधिकारियों को वॉकी-टॉकी से लैस कर टू-व्हीलर के माध्यम से हर 10 किलोमीटर के अंतराल पर गश्त करने को कहा गया है ताकि तुरंत रिस्पॉन्स और सहायता सुनिश्चित की जा सके। यात्रा मार्ग को पहले सेक्टर, फिर जोन और सुपर जोन में बांटा गया है, जिससे किसी भी समस्या का स्थानीय स्तर पर तुरंत समाधान किया जा सके। यह ढांचा रियल-टाइम मॉनिटरिंग और फील्ड रेपोर्टिंग को सशक्त बनाएगा।

चारधाम यात्रा के लिए ऐसे करांए आफलाइन-ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर जाने से पहले तीर्थ यात्रियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या फिर ऑफलाइन पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट http://registrationandtouristcare.uk.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकेगा। साथ ही मोबाइल ऐप touristcareuttarakhand पर भी पंजीकरण कराया जा सकेगा।

हेलीकॉप्टर यात्रा के लिए हेली टिकटhttp://heliyatra.irctc.co.in पर बुक किए जा सकेंगे, इसके लिए बुकिंग 8 अप्रैल से शुरु हो चुकी है। बुकिंग शुरू होने के कुछ ही घंटों में मई माह की सभी टिकटें फुल हो गईं। किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 0135-1364 पर श्रद्धालु 24 घंटे संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही टेलीफोन नंबर 01352559898 और 01352552627 पर भी संपर्क कर सकेंगे।

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