फिर साइबर ठगों के निशाने पर वरिष्ठ IAS, विदेशी नंबर से मीनाक्षी सुंदरम बनकर मांगे पैसे..
उत्तराखंड: वरिष्ठ IAS अधिकारी मीनाक्षी सुंदरम की तस्वीर का इस्तेमाल कर एक बार फिर ऑनलाइन ठगी की कोशिश की गई है। इस बार उनकी फोटो को व्हाट्सएप प्रोफाइल पर लगाकर लोगों से पैसों की मांग की गई है। जिस नंबर से यह धोखाधड़ी की जा रही है, वह एक विदेशी नंबर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए IAS सुंदरम ने इसकी शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून से की है। इससे पहले भी मार्च 2024 में इसी तरह की ठगी का प्रयास हुआ था, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विदेशी नंबर के पीछे कौन गिरोह या व्यक्ति सक्रिय है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध संदेश या पैसों की मांग पर तुरंत सतर्क हों और पुलिस को सूचित करें।
आईएएस ने एसएसपी को बताया कि एक विदेशी व्हाट्सएप नंबर से उनकी फोटो को डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) के रूप में लगाकर लोगों को पैसे भेजने के लिए मैसेज भेजे जा रहे हैं। शिकायत में बताया गया है कि उस नंबर से लोगों को यह कहकर ठगा जा रहा है कि IAS अधिकारी किसी प्रोजेक्ट में पैसा लगाना चाहते हैं, लेकिन बैंक सहयोग नहीं कर रहा है, इसलिए वह व्यक्तिगत मदद चाहते हैं। इसी बहाने कुछ लोगों से ₹50,000 से ₹1 लाख तक की राशि की मांग की गई है। ठग ने पैसे भेजने के लिए एक भारतीय गूगल पे नंबर भी साझा किया है, जिससे ठगी की योजना को अंजाम दिया जा रहा है। IAS मीनाक्षी सुंदरम ने इस भारतीय नंबर का स्क्रीनशॉट भी पुलिस को सौंपा है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ लोगों ने पैसे भेजने की हामी भर दी थी, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में कितने लोगों ने पैसे भेजे हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को जांच सौंपी है और लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के संदिग्ध मैसेज या पैसों की मांग पर तुरंत सतर्क होकर पुलिस को सूचित करें।
उत्तराखंड सरकार में प्रमुख सचिव ऊर्जा, आवास एवं नियोजन विभाग के पद पर कार्यरत वरिष्ठ IAS अधिकारी मीनाक्षी सुंदरम एक बार फिर साइबर ठगी का शिकार होते-होते बचे। एक विदेशी व्हाट्सएप नंबर से उनकी फोटो को डीपी में लगाकर लोगों से गूगल पे के माध्यम से पैसों की मांग की गई। IAS सुंदरम ने इस संबंध में देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने मार्च 2024 में की गई पहली शिकायत की कॉपी भी संलग्न की है और पूछा है कि उस पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी गई। शिकायत में कहा गया है कि ठग ने लोगों को यह कहकर पैसे मांगे कि वह एक प्रोजेक्ट में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन बैंक मदद नहीं कर रहा है। इस बहाने ₹50,000 से ₹1 लाख तक की राशि की मांग की गई और भुगतान के लिए एक भारतीय गूगल पे नंबर दिया गया। IAS अधिकारी ने पुलिस से आग्रह किया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए साइबर अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। देहरादून पुलिस ने इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि ताजा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि मार्च 2024 की शिकायत पर कार्रवाई की गई थी, और अब उसकी रिपोर्ट तलब की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
