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कर्मचारियों के लिए नया नियम, 5000 रुपये से अधिक की खरीद से पहले लेनी होगी अनुमति..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी हुआ है। राज्य सरकार ने आचरण नियमों को सख्ती से लागू करने की दिशा में कदम उठाते हुए आदेश दिया है कि अब कोई भी राज्य कर्मचारी 5000 रुपये से अधिक की संपत्ति या वस्तु बिना पूर्व सूचना के नहीं खरीद सकेगा। इस संबंध में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी विभागों, सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार यदि कोई सरकारी कर्मचारी ₹5000 से अधिक मूल्य की कोई वस्तु, संपत्ति या कीमती सामान खरीदता है, तो उसे पहले इसकी जानकारी अपने विभाग को देनी होगी।

इसी प्रकार, सरकारी कर्मचारी अपने एक माह के वेतन या 5000 रुपये जो भी कम हो, उससे अधिक की चल संपत्ति जैसे टीवी, फ्रीज, एसी खरीदने से पहले अपने अधिकारी को जानकारी देनी होगी।नियुक्ति के समय और हर पांच वर्ष की अवधि बीतने पर प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को अपनी अचल संपत्ति की घोषणा करनी होगी, जिसका वह स्वयं मालिक हो। ये भी स्पष्ट है कि उनका अफसर कभी भी सभी चल, अचल संपत्ति का विवरण मांग सकता है।

यह आदेश उत्तराखंड सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत जारी किया गया है, जिसका मकसद सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को इस नियम की जानकारी दी जाए और इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। यह कदम राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों के प्रशासनिक आचरण में अनुशासन और नियंत्रण लाने के प्रयासों का हिस्सा है।

 

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से सचिवों, विभागाध्यक्षों और सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि इस नियम का सभी अधीनस्थ कर्मचारियों से कड़ाई से पालन कराया जाए। मुख्य सचिव कार्यालय से जारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि नियम लागू होने के बावजूद कई कर्मचारी बिना सूचना दिए संपत्ति खरीद रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है। सरकार ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है और प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि आगे इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य सरकारी तंत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करना है। सभी विभागों को कहा गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को इस नियम की जानकारी दें और यह सुनिश्चित करें कि इसका पूर्णतः पालन हो।

 

 

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