August 29, 2025
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बद्रीनाथ धाम में ऑनलाइन पूजा के नाम पर धोखाधड़ी, मंदिर समिति ने की पुलिस में शिकायत..

 

उत्तराखंड: बद्रीनाथ धाम से जुड़े ऑनलाइन पूजा के नाम पर फर्जीवाड़े का एक गंभीर मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का लोगो लगाकर दावा किया जा रहा था कि राशि भेजने पर श्रद्धालुओं के नाम से ऑनलाइन पूजा कराई जाएगी। जब यह वीडियो मंदिर समिति की नजर में आया, तो प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट ने तुरंत मामले की शिकायत बदरीनाथ थाने में दर्ज कराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बद्रीनाथ मंदिर में ऑनलाइन पूजा की कोई अधिकृत व्यवस्था नहीं है, और इस प्रकार के दावे पूरी तरह से झूठे और भ्रामक हैं।

बीकेटीसी ने इसे श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है और मामले को गंभीर आर्थिक अपराध की श्रेणी में लेते हुए साइबर अपराध की जांच की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो नहीं है, जो भोले-भाले श्रद्धालुओं से धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर पैसे ऐंठ रहा है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अनाधिकृत वेबसाइट, लिंक या सोशल मीडिया पोस्ट पर विश्वास न करें और किसी भी पूजा या दान के लिए केवल बीकेटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत स्रोतों का ही उपयोग करें।

समिति के प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट ने स्पष्ट किया है कि बद्रीनाथ मंदिर में पूजा का निष्पादन ऑनलाइन नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि मंदिर में होने वाली विभिन्न पूजा की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध है, लेकिन उस प्रक्रिया के तहत श्रद्धालुओं को स्वयं मंदिर आकर पूजा में सम्मिलित होना होता है। पूजा केवल मंदिर परिसर में विधिवत रूप से संपन्न होती है, ऑनलाइन माध्यम से नहीं। मामले की शुरुआत उस वक्त हुई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें बीकेटीसी का लोगो लगाकर यह दावा किया गया कि राशि भेजने पर श्रद्धालु के नाम से ऑनलाइन पूजा की जाएगी। वीडियो में एक व्यक्ति यह कहते हुए सुना गया कि ऑनलाइन पूजा की व्यवस्था उपलब्ध है, जबकि मंदिर समिति ने इसे पूरी तरह से गलत और गुमराह करने वाला बताया है।

समिति ने तीन दिन पहले ही पुलिस को शिकायत पत्र सौंपा था, जिस पर अब कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस साइबर क्राइम की दृष्टि से भी मामले की जांच कर रही है, और यह पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है और इसके पीछे कोई गिरोह तो सक्रिय नहीं है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे किसी भी अनधिकृत वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज या वीडियो पर भरोसा न करें, और पूजा या दान के लिए केवल बीकेटीसी की आधिकारिक वेबसाइट और चैनलों का ही प्रयोग करें।

इस मामले में अब बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मंदिर की परंपराओं से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, और ऑनलाइन पूजा के इस फर्जी दावे की जांच पुलिस के आईटी सेल से भी कराई जा रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि किसी भी भ्रामक प्रचार या सोशल मीडिया पर प्रसारित फर्जी वीडियो से सावधान रहें। वहीं बद्रीनाथ थाना प्रभारी नवनीत भंडारी ने पुष्टि की है कि मंदिर समिति की ओर से जो शिकायती पत्र मिला है, उस पर जांच प्रक्रिया चल रही है। पुलिस इस वीडियो की सत्यता, स्रोत और संबंधित व्यक्ति की पहचान में जुटी है।

 

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