थराली आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंची केंद्रीय टीम, एरियल सर्वे कर नुकसान का आकलन..

थराली आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंची केंद्रीय टीम, एरियल सर्वे कर नुकसान का आकलन..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में हाल ही में आई आपदा के बाद केंद्र सरकार की अंतर मंत्रालयी टीम सोमवार को चमोली जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर पहुंची। टीम के सदस्यों ने सबसे पहले थराली का स्थलीय निरीक्षण किया और स्थानीय हालात का जायजा लिया। इसके बाद टीम ने चेपडो, नंदा नगर, कर्णप्रयाग और जोशीमठ क्षेत्र का एरियल सर्वे कर आपदा से हुई तबाही का आकलन किया। दौरे के दौरान टीम ने राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज कुलसारी में पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान का विस्तार से निरीक्षण किया। इस मौके पर चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए टीम को चमोली जिले में हुई अतिवृष्टि और आपदा की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने कहा कि थराली, चेपडो और नंदानगर सहित कई क्षेत्रों में आपदा से भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने सड़क, पुल, पेयजल लाइन, बिजली आपूर्ति और अन्य सरकारी परिसंपत्तियों की क्षति के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।केंद्र सरकार की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद कहा कि आपदा से हुए नुकसान का आकलन कर जल्द ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए आगे की कार्यवाही की जाएगी। बता दे कि चमोली जिले के कई हिस्सों में हाल की भारी बारिश और भूस्खलन ने स्थानीय जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई गांवों में मकान और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है, वहीं सड़क और संचार व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने केंद्र सरकार की अंतर मंत्रालयी टीम को जानकारी दी कि हाल की अतिवृष्टि और आपदा से जिले में अब तक 115 करोड़ रुपए से अधिक की क्षति हुई है। डीएम तिवारी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए विभागवार नुकसान का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। रिपोर्ट के अनुसार आपदा में सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGYSY) की सड़कों को हुआ है। कई ग्रामीण संपर्क मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे गांवों का संपर्क कट गया है और राहत कार्यों में कठिनाई आ रही है। हालांकि थराली क्षेत्र में जनहानि अपेक्षाकृत कम हुई है। आपदा में एक युवती की मृत्यु हुई है, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। इसके बावजूद, आपदा ने कई परिवारों के सामने गहरी चुनौती खड़ी कर दी है। दर्जनों घर जमींदोज हो गए हैं और लोग बेघर हो गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि 50 से अधिक दुकानें क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों के सामने रोज़गार और आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। कई छोटे व्यापारी और कारोबारी अब अपने परिवार का भरण-पोषण करने को लेकर चिंतित हैं। केंद्र सरकार की टीम ने आश्वासन दिया है कि नुकसान का संपूर्ण आकलन कर जल्द ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को राहत व पुनर्वास के लिए उचित मदद उपलब्ध कराई जाएगी। चमोली जिला हर साल आपदाओं की मार झेलता है। इस बार भी भारी बारिश, भूस्खलन और नदियों के उफान ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

 

 

 

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