स्वास्थ्य विभाग को नई मजबूती, राज्य के मेडिकल कॉलेजों को मिले 28 नए नर्सिंग ऑफिसर..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा विभाग में बुधवार को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से चयनित 28 नर्सिंग अधिकारियों और 14 सीएमएसडी तकनीशियनों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में स्वास्थ्य मंत्री ने 6 एसोसिएट प्रोफेसर नर्सिंग और 1 प्रोफेसर नर्सिंग को भी नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने इस अवसर पर नव-नियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस दौरान डॉ. रावत ने राजकीय स्टेट कॉलेज ऑफ नर्सिंग में 456.15 लाख रुपये की लागत से निर्मित व्याख्यान कक्ष और प्रयोगशाला (लैब) का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त ये नए ढांचे नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएंगे तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण में मदद करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और बेहतर रोजगार अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के मेडिकल और नर्सिंग संस्थानों में मानव संसाधन और अधोसंरचना दोनों के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, संकाय सदस्य और नवनियुक्त अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग अधिकारियों और तकनीशियनों की नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार होगा। उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों से अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार और समय पर पैथोलॉजी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। डॉ. रावत ने कहा कि अब तक राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कुल 1248 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके साथ ही 587 नर्सिंग अधिकारियों के पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचन राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा गया है, ताकि शीघ्र ही इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा सके। चिकित्सा शिक्षा को और मजबूत करने के लिए 439 असिस्टेंट प्रोफेसरों के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है। इन प्रयासों से राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं दोनों में सुधार होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि धामी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और सुलभ उपचार सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग निरंतर नए पद सृजित कर और खाली पदों को भरकर राज्य के मेडिकल कॉलेजों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। डॉ. रावत ने यह भी जोड़ा कि सरकार नर्सिंग, पैरा मेडिकल और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर और मानव संसाधन दोनों स्तरों पर तेजी से सुधार कर रही है, ताकि मरीजों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं घर के नज़दीक ही मिल सकें।इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में 170 टेक्नीशियन की नियुक्ति भी की जा चुकी है। जिसमें लैब ओटी,ईसीजी और रेडियोग्राफिक टेक्नीशियन शामिल है। स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में और अधिक सुधार करने के लिए सरकार आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता के साथ ही शिक्षकों की भी नियुक्ति करती आ रही है।
