नानकमत्ता में CM धामी ने बरसाई सौगातें, किया कई परियोजनाओं का शिलान्यास..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जनजाति गौरव दिवस समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनजातीय समुदाय उपस्थित रहा। इस मौके पर सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष और योगदान देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है, और राज्य सरकार जनजातीय विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। समारोह के दौरान सीएम धामी ने 9.68 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, नानकमत्ता का शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने नगर निकाय नानकमत्ता के 1 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए भवन का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इस दौरान सीएम धामी ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने साधु नगर स्थित कैलाश नदी पर पुल निर्माण की घोषणा की, जिससे आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने राय सिख भवन निर्माण के लिए धनराशि अवमुक्त करने की बात कही।
सीएम ने नानकमत्ता बांध को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने की भी घोषणा की, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें और पर्यटन को बढ़ावा मिले। इसके साथ उन्होंने सनातन धर्म उत्थान समिति भवन एवं मंदिर निर्माण के लिए धनराशि देने की बात कही। ज्ञानपुर से बरकीडण्डी, औदली, डोहरी, एस्था बी, देवीपुरा, गिधौर परसैनि होते हुए बैलपड़ाव को जोड़ने वाले मार्ग का डामरीकरण कराने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने पर्वतीय उत्थान समिति के लिए अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु धनराशि उपलब्ध कराने तथा खटीमा के नवनिर्मित बस स्टैंड का नाम महाराणा प्रताप रखने की भी घोषणा की। सीएम धामी ने कहा कि ये सभी कार्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी, शिक्षा, धार्मिक-सांस्कृतिक विकास और पर्यटन को नई दिशा देंगे। उन्होंने स्थानीय जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार जनजातीय समाज के उत्थान और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी। नानकमत्ता में आयोजित यह कार्यक्रम क्षेत्र के विकास को गति देने वाला और जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन साबित हुआ।
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम में शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें नमन करते हुए पूरे राज्यवासियों को शुभकामनाएं दीं। सीएम ने कहा कि यह दिन न केवल जनजाति समाज की गौरवशाली परंपरा को याद करने का अवसर है, बल्कि उनके संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र निर्माण में दिए गए अप्रतिम योगदान का स्मरण करने का भी दिन है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जनजाति समाज के गौरव, साहस और स्वाभिमान के अमर प्रतीक हैं। अल्प आयु में ही उन्होंने स्वाधीनता, स्वाभिमान और अधिकारों की ऐसी चेतना जागृत की, जिसने पूरे जनजातीय समुदाय को एकजुट कर नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की ऐतिहासिक पहल की, जिससे देशभर में आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान को नई ऊंचाई मिली है।
सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से देशभर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय स्थापित कराए गए हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग और योगदान को जान सकें। सीएम धामी ने यह भी कहा कि आज पूरे देश को गर्व है कि संथाल आदिवासी समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मू देश की प्रथम नागरिक के रूप में राष्ट्रपति पद को सुशोभित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरे जनजातीय समुदाय के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में जनजातीय समाज के उत्थान एवं उनकी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि उत्तराखंड सरकार लगातार जनजातीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है।
आदरणीय मोदी जी ने आदिवासी जनजाति समाज के विकास के लिए दिए जाने वाले बजट को भी तीन गुना बढ़ाकर आदिवासी समाज को सशक्त बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज को एकलव्य मॉडल स्कूल, प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान, वन-धन योजना, प्रधानमंत्री जनजाति विकास मिशन, विभिन्न पशुपालन व कृषि संबंधित योजनाओं के माध्यम से समाज व विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का कार्य देश में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार भी आदिवासी जनजाति समुदाय के कल्याण के लिए व उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड में 128 जनजाति गाँवों का चयन किया गया है। जिसके माध्यम से चयनित गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, आर्थिक सशक्तिकरण, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा दिया जायेगा।उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में 4 आवासीय एकलव्य विद्यालय, कालसी मेहरवाना बाजपुर व खटीमा में संचालित हो रहे है। जिससे जनजाति समुदाय के छात्रों को निशुल्क शिक्षा एवं हॉस्टल की सुविधा प्रदान की जा रही है। देहरादून के चकराता में और उधम सिंह नगर के बाजपुर में नये आवासीय विद्यालयों का निर्माण तेजी से चल रहा है। जनजाति समाज के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए उन्हें प्राइमरी स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक की छात्रवृत्ति भी प्रदान कर रहे है।
राज्य सरकार द्वारा शैक्षिक उत्थान एवं विकास के लिए वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही जनजाति समाज के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने हेतु प्रदेश में 3 आईटीआई कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क कोचिंग व स्कॉलरशिप दी जा रही है। जनजाति समाज के बेटियों के विवाह के लिए 50 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जा रही है। जनजाति शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ का कोरप्रेस फंड भी बनाया गया है। जनजाति संस्कृति के संरक्षण हेतु प्रतिवर्ष राज्य जनजाति महोत्सव और खेल महोत्सव आयोजित किये जा रहे है। इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह राणा, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टूरना, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा उपस्थित थे।
