चारधाम में गैर-हिंदुओं की एंट्री और मोबाइल पर रोक को लेकर सीएम धामी का बड़ा बयान..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। एक ओर शासन-प्रशासन और बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर चारधाम यात्रा से जुड़े कुछ अहम फैसलों को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। चारधाम क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने और मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन व कैमरे पर रोक लगाने के निर्णय के बाद कई तरह के सवाल सामने आ रहे हैं। इस पूरे मामले पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धार्मिक मर्यादाओं की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और अनुशासित बनाने के उद्देश्य से ही आवश्यक प्रावधान किए जा रहे हैं।
अक्षय तृतीया से शुरू होगी यात्रा
हर वर्ष की तरह इस बार भी उत्तराखंड चारधाम यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी। संभावित रूप से 19 अप्रैल को गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा आरंभ होगी। वहीं, 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही 16 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना के बाद केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी। उत्तराखंड के पौराणिक मंदिरों और धार्मिक स्थलों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर लंबे समय से मांग उठती रही है। इसकी शुरुआत हरिद्वार की गंगासभा द्वारा हरकी पैड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग से हुई। इसके बाद बदरी-केदार मंदिर समिति ने अपने अधीन आने वाले सभी 47 मंदिरों और स्थलों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया। इसी क्रम में गंगोत्री मंदिर समिति और यमुनोत्री मंदिर समिति ने भी अपने-अपने धामों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय धार्मिक परंपराओं और मंदिरों की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरे पर रोक
चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में गढ़वाल आयुक्त ने निर्णय लिया कि चारधाम के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी। हर साल चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यात्रा के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुविधाओं को लेकर सरकार अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही सभी निर्णय लिए जा रहे हैं।
राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर सीएम ने कहा कि यह सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी फरियादी को थाने, चौकी या कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही भूमि विवादों से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए एक महीने के भीतर एसडीएम स्तर पर समिति बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में लापरवाही या दोष पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाने के लिए सभी स्तरों पर समन्वय के साथ काम किया जा रहा है।
