
प्रदेश में गर्मी का कहर, बिजली की मांग ने तोड़ा रिकॉर्ड – काशीपुर गैस प्लांट भी हुआ सक्रिय..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में भीषण गर्मी और भारी उमस के चलते बिजली की मांग ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बुधवार को प्रदेश में बिजली की मांग 6.1 करोड़ यूनिट के पार पहुंच गई, जो इस मौसम की अब तक की सबसे बड़ी खपत मानी जा रही है। बढ़ती मांग के चलते प्रदेश के कई सब-स्टेशनों पर ओवरलोड की स्थिति बन गई, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे आम जनजीवन पर असर पड़ा और लोग गर्मी में बेहाल नजर आए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने काशीपुर स्थित गैस पावर प्लांट को भी सक्रिय कर दिया है। आमतौर पर यह प्लांट आपात स्थिति में ही चालू किया जाता है। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी के चलते मांग और बढ़ सकती है। विभाग ने उपभोक्ताओं से बिजली का संयमित उपयोग करने की अपील की है, ताकि ओवरलोड जैसी स्थिति से बचा जा सके।
उत्तराखंड में जून की गर्मी और उमस ने एक बार फिर बिजली आपूर्ति तंत्र को चुनौती दे दी है। लगातार दूसरे साल बिजली की मांग ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मंगलवार को जहां प्रदेश में बिजली की खपत छह करोड़ यूनिट के करीब पहुंच गई, वहीं बुधवार को यह 6.1 करोड़ यूनिट के पार चली गई। यह स्थिति 2023 की याद दिला रही है, जब 13, 14 और 15 जून को क्रमशः 6.1 और 6.2 करोड़ यूनिट तक बिजली की मांग रिकॉर्ड की गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार यह बढ़ती मांग प्रदेश में गर्मी और शहरीकरण की बढ़ती रफ्तार का संकेत है। पिछले पांच वर्षों की तुलना में जून में बिजली की उच्चतम मांग, 2024 – 12 जून: 6.1 करोड़ यूनिट, 2023 – 14-15 जून: 6.2 करोड़ यूनिट (रिकॉर्ड स्तर), 2022 – 14 जून: 5.4 करोड़ यूनिट, 2021 – 29 जून: 4.7 करोड़ यूनिट, 2020 – 18 जून: 4.1 करोड़ यूनिट 2024 से पहले, कभी भी जून में बिजली की मांग 5.5 करोड़ यूनिट से ऊपर नहीं गई थी। लेकिन अब लगातार दो वर्षों से यह आंकड़ा छह करोड़ यूनिट के पार पहुंच रहा है, जिससे उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) पर भारी दबाव बन रहा है। UPCL अधिकारियों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पावर खरीद और वैकल्पिक स्रोतों को भी एक्टिव किया जा रहा है। काशीपुर गैस प्लांट जैसी यूनिट्स को फिर से चालू करना पड़ा है ताकि मांग के अनुरूप आपूर्ति बनी रहे।
मंगलवार को प्रदेशभर में बिजली की खपत जहां छह करोड़ यूनिट के करीब पहुंची, वहीं भारी लोड के चलते सात प्रमुख सब-स्टेशनों पर बिजली आपूर्ति बाधित रही। 132 केवी बिंदाल – 21 मिनट, 132 केवी लालतप्पड़ – 22 मिनट, 132 केवी भूपतवाला – 21 मिनट, 132 केवी ज्वालापुर – 29 मिनट, 132 केवी पदार्था – 13 मिनट, 220 केवी ऋषिकेश और आईडीपीएल – 27 मिनट, 132 केवी रामनगर – 2 घंटे 32 मिनट इस अस्थायी आपूर्ति बाधा से आम जनता को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी में पंखे और कूलर बंद होने से खासकर बुजुर्गों और बच्चों को दिक्कतें हुईं। हालांकि यूपीसीएल प्रबंधन का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में कहीं भी घोषित बिजली कटौती लागू नहीं की गई है। सप्लाई में जो भी बाधाएं आईं, वे तकनीकी कारणों और अचानक बढ़ी डिमांड के कारण अस्थायी थीं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत दुरुस्त किया गया। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि अधिकतम आवश्यकता पर ही बिजली का उपयोग करें और अनावश्यक लोड न डालें, ताकि आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर रखा जा सके।
आपूर्ति पूरी करने के लिए काशीपुर का गैस प्लांट चलाया
उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। स्थिति को संभालने के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने काशीपुर स्थित 321 मेगावाट क्षमता वाले गैस आधारित पावर प्लांट को चालू कर दिया है। इस प्लांट को गर्मी की पीक डिमांड के समय उपयोग में लाने की योजना पहले से थी, जिसके तहत आवश्यक गैस पहले ही खरीदी जा चुकी थी और इसे रिजर्व में रखा गया था। मौजूदा हालात में जब प्रदेशभर में बिजली की खपत 6 करोड़ यूनिट से ऊपर जा रही है, तो यह प्लांट अब बड़ी राहत के रूप में सामने आया हैं। बिजली की लगातार बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए यूपीसीएल रोजाना बिजली बाजार से लगभग 40 लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली खरीद रहा है। यह बिजली तत्काल आपूर्ति जरूरतों को संतुलित करने के लिए उपयोग में लाई जा रही है। यूपीसीएल अधिकारियों के अनुसार तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए आगामी दिनों में बिजली की मांग और चढ़ सकती है। ऐसे में वैकल्पिक स्रोतों को सक्रिय रखना और बाजार से बिजली खरीदना आवश्यक हो गया है।
यूजेवीएनएल का उत्पादन भी बढ़ा
उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) की 21 परियोजनाओं से बिजली उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौजूदा समय में इन परियोजनाओं का कुल उत्पादन दो करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच गया है, जिससे उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) को भारी राहत मिली है।अभी इसके और बढ़ने की उम्मीद है। गर्मियों में ग्लेशियरों का अधिक गति से पिघलना और पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश, जिससे जल स्रोतों में पानी की मात्रा बढ़ी है। इन हालातों ने जल विद्युत उत्पादन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ तैयार की हैं, जिससे यूपीसीएल को बढ़ती बिजली मांग के बीच वैकल्पिक और सस्ते स्रोत से पर्याप्त सप्लाई मिल पा रही है। UPCL पहले ही बाजार से प्रतिदिन लगभग 40 लाख यूनिट बिजली खरीद रहा है और काशीपुर गैस प्लांट को भी एक्टिव कर चुका है। ऐसे में UJVNL की यह बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता प्रदेश के लिए राहत बनकर आई है।