
डीएम प्रशांत आर्य ने वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश..
उत्तराखंड: जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आज जिला मुख्यालय में जल जीवन मिशन के तहत वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े प्रकरणों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जो भी पेयजल योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, उनके क्रियान्वयन में देरी न हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वन भूमि के लंबित प्रस्तावों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि पेयजल आपूर्ति की योजनाओं का निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना को वन भूमि की अनुमति के अभाव में लंबित न रखा जाए। प्रशासनिक अधिकारियों, सिंचाई और वन विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर फाइलें लंबित हैं तो उनकी नियमित मॉनिटरिंग कर जल्द से जल्द अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की जाए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वन भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं शीघ्रता से पूर्ण की जाएं, ताकि योजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके और प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि हस्तांतरण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या आ रही हो, तो संबंधित अधिकारी सीधे उन्हें अवगत कराएं, ताकि उस पर त्वरित निर्णय लेते हुए समाधान की दिशा में कार्य किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों विशेषकर वन, पेयजल निगम, सिंचाई और राजस्व विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया। डीएम ने कहा कि अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण योजनाएं देरी का शिकार होती हैं, जिससे सरकारी संसाधनों और आमजन दोनों का नुकसान होता है। डीएम प्रशांत आर्य ने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है, और इसका उद्देश्य है कि जिले के हर शहरी और ग्रामीण परिवार को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो।
उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को हरसंभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जल जीवन मिशन की योजनाएं न केवल पेयजल आपूर्ति को सुनिश्चित करेंगी, बल्कि जन स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन गुणवत्ता में भी सुधार लाएंगी। जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में पर्यावरण संरक्षण के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाये ताकि जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही वन भूमि संबंधी बाधाएं दूर हों सकें। बैठक डीएफओ डीपी बलूनी, डीएफओ रविन्द्र पुंडीर, अधिशासी अभियंता जल संस्थान एलसी रमोला, देवराज तोमर, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम मधुकांत कोटियाल सहित विभिन्न अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।