
कारगिल विजय दिवस पर सीएम धामी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि, राज्यपाल ने किया वीर सपूतों को नमन..
उत्तराखंड: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी स्थित गांधी पार्क में शौर्य दिवस श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में शहीदों के परिजन भी मौजूद रहे, जिनका सम्मान कर राज्य सरकार ने उनके त्याग और बलिदान को नमन किया। सीएम ने कहा कि कारगिल युद्ध भारत के सैन्य इतिहास में स्वर्णिम अध्याय है और इस दिन को हम वीरों की वीरता और बलिदान की स्मृति में मना रहे हैं। वहीं उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने भी कारगिल विजय दिवस पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और कहा, “कारगिल युद्ध भारतीय सेना के अद्वितीय साहस, अदम्य शौर्य और उच्चतम रणनीतिक कौशल का प्रतीक है।” यह आयोजन राज्य में देशभक्ति और सैन्य बलिदान की भावना को पुनः जीवंत करने वाला अवसर रहा, जिसमें बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सैन्य अधिकारी और आम लोग शामिल हुए।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने देश की रक्षा में प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक विजय थी, जिसमें हमारे बहादुर सैनिकों ने दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में अद्भुत पराक्रम दिखाते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की और दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया। राज्यपाल ने कहा कि इस युद्ध में भारतीय सेना के कई जवानों ने वीरगति प्राप्त की, जिनकी कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने विशेष रूप से उत्तराखंड के वीर सपूतों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वीरभूमि ने कारगिल युद्ध में अनेक जांबाजों को खोकर भी देश का सिर ऊँचा किया है। उत्तराखंड की वीरता, देशभक्ति और बलिदान की परंपरा सदैव अटूट रही है और यही परंपरा आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। यह अवसर न केवल वीर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत करने का भी प्रतीक बना। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना ने हर अवसर पर अपने शौर्य और पराक्रम से राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। कारगिल युद्ध में प्राप्त विजय सिर्फ एक सैन्य उपलब्धि नहीं, बल्कि यह देशवासियों के विश्वास, एकता और अखंड राष्ट्रभाव की भी विजय है। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीरों का बलिदान राष्ट्र की स्मृति में अमर रहेगा।