August 29, 2025
कॉर्बेट में बनेगी टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स, अग्निवीर करेंगे बाघ और वन्यजीवों की रक्षा..

कॉर्बेट में बनेगी टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स, अग्निवीर करेंगे बाघ और वन्यजीवों की रक्षा..

 

 

उत्तराखंड: अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर सीएम धामी ने बाघ संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में स्थापित की जा रही “टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स” में उत्तराखंड के अग्निवीरों को सीधी तैनाती दी जाएगी। सीएम ने कहा कि इस विशेष बल में 80 से अधिक युवाओं की भर्ती की जाएगी। इसका प्राथमिक उद्देश्य बाघों और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा को मजबूत करना साथ ही अवैध शिकार पर नियंत्रण स्थापित करना है। यह फोर्स न केवल बाघों की रक्षा करेगी, बल्कि अग्निवीर योजना के तहत प्रशिक्षित युवाओं को भी राज्य में रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। यह कदम बाघ संरक्षण और युवा सशक्तिकरण दोनों उद्देश्यों को एक साथ साधने वाला है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पहल से वृहद बाघ संरक्षण लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी और वन्यजीव अपराधों पर सख्त अंकुश लगाया जा सकेगा। इस अवसर पर सीएम ने वन विभाग को निर्देश दिए कि फोर्स की स्थापना, प्रशिक्षण और संचालन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए, ताकि आगामी महीनों में बल को सक्रिय रूप से मैदान में उतारा जा सके।

टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का मुख्य कार्य बाघों के अवैध शिकार को रोकना होगा। इसके साथ ही यह बल वन्यजीव अपराधों, जैसे लकड़ी की तस्करी, अवैध खनन और वन भूमि पर अतिक्रमण पर भी नियंत्रण रखेगा। फोर्स को आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षण से लैस किया जाएगा, ताकि यह हर परिस्थिति में प्रभावी कार्रवाई कर सके। सीएम धामी ने यह भी कहा कि कई बार बाघ आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसी परिस्थितियों में यह फोर्स संवेदनशील ढंग से हस्तक्षेप करेगी, ताकि ना तो इंसानों को नुकसान पहुंचे और ना ही वन्यजीवों को क्षति हो। टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स की स्थापना से राज्य के वन एवं पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह पहल केंद्र की अग्निपथ योजना से जुड़े युवाओं को राज्य स्तर पर पुनः स्थापित करने की एक प्रभावशाली पहल मानी जा रही है।

बाघ संरक्षण में अग्निवीरों की भागीदारी..

सीएम धामी ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में “टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स” के गठन की घोषणा करते हुए कहा कि इसमें उत्तराखंड के अग्निवीरों की सीधी तैनाती की जाएगी। उन्होंने इसे बाघ संरक्षण में सेना या सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर्मियों की भागीदारी का एक अनूठा और प्रभावी मॉडल बताया। सीएम धामी ने कहा कि अग्निवीर भारतीय सेना के कठोर अनुशासन और गहन प्रशिक्षण से होकर आते हैं, जिससे वे शारीरिक रूप से सक्षम, मानसिक रूप से मजबूत और संकट की हर स्थिति से निपटने में दक्ष होते हैं। यह गुण उन्हें वन गश्त, वन्यजीव अपराधों की रोकथाम, अवैध शिकार, तस्करी और आपदा स्थितियों में अत्यधिक प्रभावी बनाएंगे। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व को अब एक अत्यधिक प्रशिक्षित और समर्पित बल की सुरक्षा मिलेगी, जिससे अवैध शिकार की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अग्निवीरों की नियुक्ति से स्थानीय समुदाय भी वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों से सीधे तौर पर जुड़ेगा, जिससे एक सामाजिक रूप से भागीदार और सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा। इस बल की स्थापना से उत्तराखंड न केवल बाघों की सुरक्षा में नई मिसाल पेश करेगा, बल्कि सेना से लौटे युवाओं के पुनर्वास और उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी बनेगा।

 

 

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