June 13, 2026
nanda sunanda yojna

जिलाधिकारी की पहल रंग लाई, 18 बालिकाओं को 6.17 लाख की मदद, बनीं ‘नंदा-सुनंदा’..

 

 

उत्तराखंड: जिलाधिकारी सविन बंसल की पहल पर संचालित महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “नंदा-सुनंदा” के अंतर्गत आज एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। योजना के तहत गरीब, अनाथ और असहाय बालिकाओं को स्नातक स्तर तक शिक्षित करने व उन्हें कौशल शिक्षा से जोड़ने के लिए 18 बालिकाओं को कुल 6.17 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए गए। अब तक इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 56 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया जा चुका है, जिस पर 19.24 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य वंचित बालिकाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है जिलाधिकारी सविन बंसल ने पात्र बालिकाओं के चयन में चयन समिति, ग्राउंड स्टाफ और संबंधित टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप सभी का यह योगदान सराहनीय है। जिस उत्साह और समर्पण से आपने बालिकाओं तक यह योजना पहुंचाई, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे और अधिक पात्र बालिकाओं को इस योजना से जोड़ा जाएगा ताकि कोई भी बच्ची शिक्षा से वंचित न रहे।

कार्यक्रम के दौरान डीएम सविन बंसल ने कहा कि यह प्रोजेक्ट निरंतर चलता रहे और पात्र बालिकाओं की शिक्षा को इसी तरह पुनर्जीवित करता रहे, यही हमारा प्रयास है। एक बच्चे की मदद करना, वास्तव में एक पूरे परिवार की मदद करने जैसा होता है और इसका बहुत बड़ा सामाजिक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि संकट से जूझ रहे कई परिवारों की बेटियाँ पढ़ना और आगे बढ़ना चाहती हैं, यह अपने आप में एक प्रेरणादायक संकेत है। प्रशासन का प्रयास है कि वह हर उस बालिका तक पहुँचे, जो शिक्षा के अधिकार से वंचित है और सहायता की पात्र है। डीएम बंसल ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चे अपनी शिक्षा की ज्वाला को सदैव जीवित रखें। कभी भी अपनी पढ़ाई से समझौता न करें। महापुरुषों की जीवनी पढ़ें, क्योंकि उनसे जो शिक्षा मिलती है, वह कहीं और नहीं मिलती। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन हमेशा बालिकाओं के साथ है और उन्हें शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणास्पद पहल के रूप में उत्तराखंड के जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा शुरू किया गया “प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा” निरंतर सफलताएं दर्ज कर रहा है। यह परियोजना अब सीएम पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा और समर्थन से जनकल्याण की दिशा में एक सशक्त कदम बन चुकी है। आज इस योजना के अंतर्गत 18 पात्र बालिकाओं को कुल 6.17 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। अब तक इस प्रोजेक्ट के माध्यम से 56 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया गया है, जिसमें कुल 19.24 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस अवसर पर कहा कि प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा भले ही जिला प्रशासन की पहल है, लेकिन यह सीएम की प्रेरणा और समर्थन से आगे बढ़ रहा है। सीएम धामी ने नवाचारों और जनकल्याणकारी योजनाओं को हमेशा प्रोत्साहन दिया है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने भी टीम और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया तथा बालिकाओं को भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन हरसंभव सहायता करता रहेगा। वहीं संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह ने भी बच्चियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें पढ़ाई और आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया।

प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा अन्तर्गत आज हर्षिता भट्ट बीएससी ओटीडी मेडिकल सांइस एंड रिसर्च, गौरी जेठुली कक्षा 6 नवचेतना हाईस्कूल एकेडमी, वैष्णवी जेडूली कक्षा 3 पैसिफिक कॉन्वेंट स्कूल, कल्पना कक्षा 6 होरीजोन स्कूलं, अनुष्का बीएससी मेडिकल टेक्नालॉजी ओटी स्वामी हिमालय विश्वविद्यालय, कु0 जोया 5वीं चौधरी राधालाल मेमोरियल एकेडमी, कु0 सानिया कक्षा 11, एसजीआरआर पब्लिक स्कूल, कु0 आराध्या कक्षा 2 ड्यूड्राप स्कूल, कु0 आकांक्षा चढ्ढा एमएचए मास्टर्स न हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन , कु0 दीपिकास बीएससी नर्सिंग साई कालेज ऑफ नर्सिग, कु0 जानवी रावत कक्षा 11ं, एसजीआरआर रेसकोर्स, कु0 मानसी नैनवाल श्री गुरूरामराय यूनिवर्सिटी, प्रियांशी जैन बीए प्रथम वर्ष आईटीएम देहरादून, कु0 आन्हा सैफी कक्षा 12, कु0 सेहरीश सैफी 9वीं, कु0 तैयबा सैफी एसजीआरआर पब्लिक स्कूल, सृष्टि आर्य कक्षा 12 एसजीआरआर पब्लिक स्कूल, जैनिक खत्री कक्षा 4 पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय, शिंवागी बीए एण्ड एमसी (डिजिटल) यूपीईएस, अनिष्का कंसवाल कक्षा 8 एसजीआरआर पब्लिक स्कूल की शिक्षा पुनर्जीवित की गई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुकत मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बाल विकास विभाग सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

 

 

 

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