August 29, 2025
lakhpati yojna

महिलाओं के कल्याण व सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार कर रही निरंतर प्रयास- सीएम धामी..

 

उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत सराहनीय कार्य करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया और उनसे संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना का शुभंकर एवं लोगो लॉन्च किया, साथ ही हाउस ऑफ हिमालयाज के नए उत्पाद और वेबसाइट का लोकार्पण भी किया। सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मातृशक्ति के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो वह पूरे समाज को सशक्त बनाने का कार्य करती है। राज्य सरकार भी महिलाओं को उद्यमिता, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है।

सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार मातृशक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उनका कहना हैं कि शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष फोकस किया गया है, ताकि वे हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकें। सीएम ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से राज्य की ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। यह मिशन न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधार रहा है, बल्कि उन्हें निर्णय लेने और सामाजिक नेतृत्व में भी सशक्त बना रहा है। सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से प्रदेश की मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत आगामी तीन वर्षों में 15 हजार से अधिक उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को व्यवसायिक कौशल प्रशिक्षण, कानूनी और लाइसेंसिंग सहयोग, को-वर्किंग स्पेस, निवेश सहायता तथा स्थानीय से लेकर वैश्विक स्तर तक विपणन के लिए एक मजबूत नेटवर्क प्रदान किया जाएगा। सीएम धामी ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं को केवल आत्मनिर्भर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में भागीदार बनाना है।

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल की पहल के अंतर्गत, लखपति दीदी के संकल्प को साकार करने तथा स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राज्य में हाउस ऑफ हिमालयाज अम्ब्रेला ब्रांड बनाया गया है। इसके अंतर्गत अभी 35 उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। शीघ्र ही हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद विश्व के अन्य देशों में भी निर्यात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में 68 हज़ार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 5 लाख महिलाएं संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 2023 में शुरू की गई मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के माध्यम से हमारी बहनों ने विभिन्न आयोजनों में 27 हज़ार से अधिक स्टॉल लगाकर 7 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री की है। प्रदेश की 1 लाख 63 हज़ार से अधिक बहनें लखपति बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग हेतु 49 ग्रोथ सेंटरों की स्थापना की गई है। इन उत्पादों के प्रभावी विपणन के लिए 13 जनपदों में 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट्स, 17 सरस सेंटर, 3 राज्य स्तरीय विपणन केंद्र तथा 8 बेकरी यूनिट्स का भी संचालन किया जा रहा है। केंद्र सरकार की वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं।

अल्मोड़ा की सीमा कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर वे पिछले 5 वर्षों में 18 लाख रुपये की आमदनी कर चुकी हैं। बागेश्वर की दया दानू ने कहा कि उनके साथ 400 महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं और एक वर्ष में सबने मिलकर एक करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। चम्पावत की हेमा उपाध्याय ने कहा कि वे एग्रो टूरिज्म पर कार्य कर रही हैं। पॉली हाउस और होमस्टे के माध्यम से उन्हें हर साल 4 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। कोरोना के दौरान उन्होंने अपने पति के साथ रिवर्स पलायन किया था। चमोली की रेखा नेगी ने कहा कि स्टॉल के माध्यम से उन्हें स्थानीय उत्पादों पर अच्छी आय प्राप्त हो रही है। देहरादून की किरण राणा ने कहा कि उन्हें मशरूम उत्पादन से काफी फायदा हुआ है और उनके साथ 34 महिलाएं कार्य कर रही हैं। हरिद्वार की छवि ने बताया कि उन्होंने रेस्टोरेंट के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया था, जिस पर उन्हें 6 लाख रुपये की सब्सिडी मिली। नैनीताल की किरण जोशी ने बताया कि उनके द्वारा बनाए गए रेशम उत्पादों से उन्होंने पिछले 9 माह में 8 लाख रुपये का व्यवसाय किया है।

 

 

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