June 24, 2026
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, 211 एकल महिलाओं को मिलेगा आर्थिक सहयोग..

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, 211 एकल महिलाओं को मिलेगा आर्थिक सहयोग..

 

उत्तराखंड: प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत चयनित 211 महिलाओं को जल्द ही वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। विभागीय समीक्षा के दौरान योजना की प्रगति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चयनित लाभार्थियों को सहायता राशि समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने स्वरोजगार संबंधी कार्यों को शीघ्र शुरू कर सकें। बताया गया कि योजना के तहत पहले चरण में 484 महिलाओं को आर्थिक सहायता की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। इनमें से अधिकांश महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्वरोजगार गतिविधियां शुरू कर दी हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिला है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शेष 211 चयनित महिलाओं को सहायता राशि वितरित करने के लिए जल्द ही विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से लाभार्थियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। इसके लिए अगस्त माह तक विज्ञप्ति जारी करने को कहा गया है। विभाग ने इस वर्ष योजना के तहत लगभग 2000 महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का मानना है कि स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।

बैठक में आगामी 8 अगस्त को आयोजित होने वाले महिला दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर राज्य के प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार और आंगनबाड़ी सम्मान पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इन पुरस्कारों के लिए आवेदन और चयन प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं, ताकि पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।

नंदा गौरा योजना की 4000 से अधिक बालिकाओं को मिलेगा लाभ..

बैठक में नंदा गौरा योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि हरिद्वार और उत्तरकाशी जनपद की 4000 से अधिक बालिकाएं आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी नहीं कर पाने के कारण अब तक योजना की सहायता राशि प्राप्त नहीं कर सकी थीं। अब इन सभी पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उनके बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 19 करोड़ 22 लाख 78 हजार रुपये की धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। इससे हजारों परिवारों को राहत मिलेगी और बालिकाओं की शिक्षा तथा भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करने में मदद मिलेगी।

महिला कल्याण और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं और बालिकाओं तक समय पर पहुंचे। सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वरोजगार और प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता से जुड़ी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

 

 

 

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