75 युवाओं को मिलेगा निवेशकों और उद्योग जगत से जुड़ने का मौका, अडानी ने शुरू की नई मुहिम..
उत्तराखंड: देश के विभिन्न हिस्सों में छिपी प्रतिभाओं, नवाचारों और उद्यमशीलता की क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से अडानी समूह ने एक नई पहल की शुरुआत की है। समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने अपने 64वें जन्मदिवस के अवसर पर ‘वंदे भारतम’ नामक राष्ट्रव्यापी अभियान लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य महानगरों से बाहर मौजूद ऐसे नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप संस्थापकों, सामाजिक बदलाव लाने वाले लोगों और उद्यमियों को खोजकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। भारत आज दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप केंद्रों में शुमार है, लेकिन उद्यमिता के क्षेत्र में क्षेत्रीय असमानता अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। अधिकांश स्टार्टअप और नवाचार गतिविधियां बड़े शहरों तक सीमित हैं, जबकि छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। इसी अंतर को कम करने के उद्देश्य से ‘वंदे भारतम’ अभियान को व्यापक स्तर पर तैयार किया गया है।
इस कार्यक्रम के तहत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंच बनाई जाएगी। अभियान का लक्ष्य 800 से अधिक जिलों में मौजूद प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से उन लोगों को भी अवसर मिलेगा, जो सीमित संसाधनों के बावजूद स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए अभिनव विचारों पर काम कर रहे हैं। अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी समावेशी सोच है। इसमें भाग लेने के लिए किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा या पेशेवर पृष्ठभूमि की आवश्यकता नहीं रखी गई है। कोई भी व्यक्ति, जिसके पास एक नया विचार, प्रोटोटाइप, शुरुआती स्तर का स्टार्टअप या पहले से स्थापित व्यवसाय है, इस पहल का हिस्सा बन सकता है। कार्यक्रम को विभिन्न भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे भाषा किसी भी प्रतिभागी के लिए बाधा न बने।
‘वंदे भारतम’ के तहत टेक्नोलॉजी, कृषि, विनिर्माण, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और पारंपरिक हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को विशेष महत्व दिया गया है। इसके अलावा महिला उद्यमियों, ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले नवाचारकर्ताओं, आदिवासी समुदायों से आने वाले प्रतिभाशाली लोगों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए भी विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल व्यवसायिक सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाने वाले विचारों को भी प्रोत्साहित करना है। आवेदनों के मूल्यांकन के दौरान नवाचार, सामाजिक प्रभाव, व्यावसायिक संभावनाओं और विस्तार क्षमता जैसे मानकों को ध्यान में रखा जाएगा। विभिन्न चरणों में चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद देशभर से 75 प्रतिभागियों को अंतिम चरण के लिए चुना जाएगा। इन फाइनलिस्टों को अहमदाबाद में आयोजित विशेष कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा, जहां उन्हें उद्योग जगत के दिग्गजों, निवेशकों, विशेषज्ञों और मेंटर्स के साथ संवाद का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम का समापन स्वतंत्रता दिवस के आसपास आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले में किया जाएगा। अंतिम चरण में चयनित प्रतिभागियों को नकद पुरस्कारों के साथ-साथ अपने विचारों और व्यवसायों को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन, निवेशकों तक पहुंच और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल देश के दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे छोटे शहरों और ग्रामीण भारत के युवा उद्यमियों को भी अपनी क्षमताओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
