June 29, 2026
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हजारों लोगों ने लिया अंगदान का संकल्प, शांतिकुंज से 26 राज्यों तक पहुंचेगा अभियान..

 

 

उत्तराखंड: देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में आयोजित ‘दधीचि अंगदान संकल्प अभियान’ ने मानव सेवा और सामाजिक जागरूकता का एक प्रेरणादायक संदेश दिया। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में हजारों लोगों ने एक साथ अंगदान का संकल्प लिया। इस अवसर पर समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि अंगदान केवल चिकित्सा का विषय नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के अंग कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दे सकते हैं और यही सबसे बड़ा परोपकार है। उन्होंने बताया कि देश के 26 राज्यों में अंगदान जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को इस महाअभियान से जोड़ना है।

जेपी नड्डा ने कहा कि अंगदान का महत्व वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टिकोणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शांतिकुंज गायत्री परिवार ने देहदान और अंगदान को जनआंदोलन का स्वरूप देकर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्हें विश्वास है कि यह जनजागरण आने वाले समय में व्यापक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि देहदान और अंगदान के माध्यम से प्राप्त अंगों और शरीर का उपयोग पूरी पारदर्शिता और वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान तथा मरीजों के उपचार में किया जाएगा। इससे लाखों ऐसे मरीजों को लाभ मिलेगा, जो हृदय, किडनी, लिवर, फेफड़े और अन्य अंगों की प्रतीक्षा में जीवन से संघर्ष कर रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार अंगदान को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से गंभीर बीमारियों के उपचार और अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में देश में हर वर्ष 20 हजार से अधिक अंगदान हो रहे हैं, जबकि पांच लाख से अधिक लोग अंगदान का संकल्प ले चुके हैं। सीएम धामी ने अपने संबोधन में भारतीय सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए महर्षि दधीचि और राजा शिवि के त्याग को मानव सेवा की सर्वोच्च मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव परोपकार, त्याग और लोककल्याण की भावना को सर्वोच्च स्थान देती आई है। अंगदान उसी महान परंपरा का आधुनिक स्वरूप है, जो किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम बनता है।

सीएम ने कहा कि उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि दून मेडिकल कॉलेज में राज्य का पहला किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही बोन बैंक की स्थापना भी की गई है, जिससे गंभीर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान गायत्री परिवार द्वारा संचालित नशामुक्ति अभियान की भी सराहना की गई। जेपी नड्डा ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नशामुक्ति और अंगदान जैसे अभियान अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि समाज के सहयोग से इन अभियानों को और अधिक व्यापक बनाया जा सकेगा। दधीचि अंगदान संकल्प अभियान के माध्यम से एक बार फिर यह संदेश दिया गया कि मृत्यु के बाद भी मानव जीवन दूसरों के लिए आशा की किरण बन सकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों, चिकित्सकों, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इसे जनजागरूकता का एक महत्वपूर्ण अभियान बना दिया।

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