September 11, 2026
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ज्योलिकोट में बढ़ी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी, 380 लोगों की जांच..

 

उत्तराखंड: नैनीताल के ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं और जरूरी दवाएं उपलब्ध करा रही हैं।स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को ज्योलिकोट क्षेत्र में 105 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान 72 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए अलग-अलग स्थानों से 7 पानी के नमूने भी लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच के साथ लोगों को जरूरत के अनुसार दवाएं, ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां वितरित की गईं। स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को साफ पानी के इस्तेमाल और संक्रमण से बचाव को लेकर जरूरी जानकारी भी दी।

घर के पास मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा, मोबाइल मेडिकल टीम तैनात

स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों को इलाज और जांच के लिए दूर न जाना पड़े, इसके लिए सचल चिकित्सा वाहन तैनात किया है। इस मोबाइल यूनिट के जरिए लोगों को घर के नजदीक स्वास्थ्य जांच, जरूरी टेस्ट, दवाएं और चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में ओपीडी पर्ची निशुल्क कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। 10 सितंबर को नीलकंठ हॉस्पिटल की डॉ. मेघा रखोलिया और डॉ. सलीम ने पीएचसी ज्योलिकोट में मरीजों की जांच की। वहीं 11 सितंबर को बृजलाल हॉस्पिटल हल्द्वानी की गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. श्रेया नेगी और साईं हॉस्पिटल हल्द्वानी के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहन सती मरीजों को ओपीडी सेवाएं देंगे।

कई इलाकों में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर

ज्योलिकोट के साथ आसपास के इलाकों में भी स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाए। गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट और भल्यूटी-चोपड़ा में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में कुल 380 लोगों की जांच की गई। शिविरों में मरीजों को आवश्यक दवाएं दी गईं और जल जनित रोगों से बचने के तरीके बताए गए। स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को साफ पानी पीने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानीं और स्वास्थ्य विभाग की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। सीएमओ ने लोगों से अपील की कि घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी स्थिति से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

आयुष्मान इलाज में दिक्कत हो तो सीधे सीएमओ से करें संपर्क

स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के लिए भी हेल्पलाइन जैसी सुविधा का भरोसा दिया है। सीएमओ ने कहा कि सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के दौरान किसी मरीज को किसी तरह की परेशानी आती है तो वह सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर सकता है। विभाग की ओर से समस्या के समाधान के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पानी को अच्छी तरह उबालकर पीने की अपील की है। इसके साथ ही घर और आसपास साफ-सफाई रखने तथा स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सावधानियों का पालन करने को कहा गया है। विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे, स्वास्थ्य जांच और दवाओं के वितरण का काम आगे भी जारी रखेंगी। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर लोगों से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मौके पर मौजूद स्वास्थ्य टीम से संपर्क करने की अपील की गई है।

 

 

 

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