एमडीडीए की कार्रवाई से मचा हड़कंप, तीन अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त और दो निर्माण सील..
उत्तराखंड: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में विकासनगर क्षेत्र में तीन स्थानों पर अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि ऋषिकेश क्षेत्र में दो भवनों को सील कर दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई के जरिए बिना जरूरी अनुमति जमीन पर प्लॉट काटने और निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्ती का संदेश दिया गया है।
विकासनगर में दो बड़ी प्लॉटिंग पर कार्रवाई
प्राधिकरण की टीम ने विकासनगर के भीमावाला क्षेत्र में छोटी कैनाल रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पीछे करीब चार से पांच बीघा जमीन पर की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। प्राधिकरण के मुताबिक, संजय चौहान एवं अन्य की ओर से विकसित की जा रही इस प्लॉटिंग के लिए जरूरी स्वीकृति नहीं ली गई थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से विकसित किए जा रहे भूखंडों को ध्वस्त किया। इसी क्षेत्र में डॉक्टरगंज स्थित पुल संख्या एक और दो के बीच शक्ति कैनाल के पास भी कार्रवाई की गई। यहां आशु उनियाल, हर्ष रावत एवं अन्य की ओर से करीब पांच बीघा भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार अनुमति के बिना जमीन को आवासीय भूखंडों के रूप में विकसित करने की गतिविधियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
रायवाला में पांच बीघा भूमि पर काटे जा रहे थे प्लॉट
ऋषिकेश क्षेत्र के रायवाला में भी एमडीडीए की टीम ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। प्राधिकरण के अनुसार, प्रेम दत्त जोशी की ओर से करीब पांच बीघा भूमि पर स्वीकृत तलपट मानचित्र के बिना प्लॉटिंग की जा रही थी। जांच के बाद संबंधित स्थल पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्लॉटिंग के साथ-साथ अनधिकृत निर्माणों पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। हरिपुर कला की गली संख्या पांच में कपिल मदान द्वारा किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। वहीं, रायवाला में हरिद्वार रोड पर पंजाब नेशनल बैंक के निकट तुषार नरूला के निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
जमीन खरीदने से पहले स्वीकृति की जांच जरूरी
एमडीडीए की कार्रवाई के तहत कुल पांच स्थलों को निशाने पर लिया गया। इनमें तीन जगह अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई, जबकि दो स्थानों पर निर्माण सील किए गए। प्राधिकरण की कार्रवाई का उद्देश्य बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों पर रोक लगाना है। बिना स्वीकृत लेआउट या जरूरी मानचित्र के जमीन पर प्लॉट काटने से भविष्य में सड़क, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे भूखंड खरीदने वाले लोगों को भी कानूनी विवाद और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जमीन खरीदने से पहले संबंधित भूमि के दस्तावेजों और लेआउट की स्वीकृति की जांच करना जरूरी है। प्राधिकरण की ओर से अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।
