June 2, 2026
तबादला नीति में बदलाव, दुर्गम क्षेत्रों से कर्मचारियों के स्थानांतरण का रास्ता हुआ आसान..

तबादला नीति में बदलाव, दुर्गम क्षेत्रों से कर्मचारियों के स्थानांतरण का रास्ता हुआ आसान..

 

 

उत्तराखंड: सरकार ने कर्मचारियों के तबादलों को लेकर महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को सुगम क्षेत्रों में स्थानांतरण के लिए हर स्थिति में प्रतिस्थानी (रिप्लेसमेंट) का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यदि संबंधित विभाग को इससे कार्य संचालन में कोई व्यावहारिक कठिनाई नहीं होती है, तो ऐसे कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्यमुक्त कर उनके तबादले की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। राज्य में वर्तमान समय में तबादला अधिनियम-2017 के तहत विभिन्न विभागों में स्थानांतरण प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच शासन की ओर से जारी नए दिशा-निर्देशों ने कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। लंबे समय से दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारी प्रतिस्थानी उपलब्ध न होने के कारण स्थानांतरण आदेश मिलने के बावजूद कार्यमुक्त नहीं हो पाते थे। नई व्यवस्था से ऐसे मामलों का समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है।

संशोधित निर्देशों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी का दुर्गम से सुगम क्षेत्र में स्थानांतरण स्वीकृत हो चुका है और उसके स्थान पर तत्काल प्रतिस्थानी उपलब्ध नहीं है, लेकिन विभागीय कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है, तो संबंधित विभाग कर्मचारी को बिना विलंब कार्यमुक्त कर सकता है। इससे लंबित तबादलों को गति मिलेगी और कर्मचारियों को समय पर राहत मिल सकेगी।

सरकार ने समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के कर्मचारियों के संबंध में भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। नई व्यवस्था के तहत इन श्रेणियों के कर्मचारियों को उनके गृह जनपद में तैनाती देने का मार्ग भी प्रशस्त किया गया है। इससे कर्मचारियों को पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ सेवा दायित्व निभाने में सुविधा मिल सकेगी।तबादला नीति में मानवीय पहलुओं को भी विशेष महत्व दिया गया है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों को अनिवार्य स्थानांतरण से छूट प्रदान की जाएगी। यह सुविधा केवल कर्मचारी तक सीमित नहीं होगी, बल्कि उनके जीवनसाथी, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों और माता-पिता की गंभीर बीमारी की स्थिति में भी लागू होगी। ऐसे मामलों में संबंधित दस्तावेजों और चिकित्सा प्रमाणों के आधार पर राहत प्रदान की जाएगी।

दिव्यांग कर्मचारियों को भी अनिवार्य तबादलों से छूट देने का प्रावधान बरकरार रखा गया है। इसके अलावा सेना और अर्द्धसैनिक बलों में कार्यरत कर्मियों के परिवारों को भी विशेष राहत मिलेगी। ऐसे कर्मचारियों को तबादला प्रक्रिया में विशेष परिस्थितियों के आधार पर छूट प्रदान की जा सकेगी। शासन के निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी विभाग को तबादला अधिनियम के प्रावधानों में विशेष परिस्थितियों के कारण बदलाव या छूट की आवश्यकता महसूस होती है, तो वह प्रस्ताव मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। समिति द्वारा मामले की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से एक ओर जहां कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान होगा, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता भी बनी रहेगी। विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों में वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही तबादला प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और मानवीय बनाने में भी यह संशोधन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

 

 

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *