हरिद्वार कांवड़ मेले की सुरक्षा चाक-चौबंद, ATS-STF तैनात, ड्रोन और CCTV से रखी जाएगी नजर..
उत्तराखंड: धर्मनगरी हरिद्वार में 30 जुलाई से शुरू होने जा रहे कांवड़ मेला 2026 को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 11 अगस्त तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कांवड़ यात्रा से जुड़े जिलों हरिद्वार, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के पुलिस अधिकारियों के साथ ही जीआरपी और एसडीआरएफ के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। बैठक में मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि कांवड़ मेला एक बड़ा और संवेदनशील धार्मिक आयोजन है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात, भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों और संबंधित राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
अभेद्य सुरक्षा घेरे में रहेगा कांवड़ मेला
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS), बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS), स्पेशल टास्क फोर्स (STF), एसडीआरएफ और अभिसूचना इकाइयों को सक्रिय रखा जाएगा। प्रमुख स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। मेले के दौरान ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जाएगी। इसके अलावा साइबर कमांडो की विशेष टीम सोशल मीडिया और साइबर गतिविधियों पर नजर रखेगी, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात होगा अतिरिक्त पुलिस बल
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्गों पर स्थित संवेदनशील और अधिक भीड़ वाले इलाकों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी, रिजर्व फोर्स और महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही रैपिड रिस्पॉन्स टीम को भी हर समय तैयार रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।प्रमुख स्नान घाटों पर गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी। किसी भी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएंगी।
यातायात व्यवस्था के लिए बनेगा विशेष प्लान
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही को देखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यात्रा मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों, वैकल्पिक रास्तों, पार्किंग स्थलों, होल्डिंग एरिया और डायवर्जन प्वाइंट को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा।इस प्लान का प्रचार उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों में भी किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को पहले से यातायात व्यवस्था और रूट डायवर्जन की जानकारी मिल सके। पुलिस ने भारी वाहनों के संचालन, मोबाइल पेट्रोलिंग, अस्थायी पुलिस चौकियों और पैदल कांवड़ियों के लिए अलग व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों की सुविधा को देखते हुए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
रेलवे स्टेशनों पर भी रहेगी विशेष सुरक्षा
कांवड़ मेले को देखते हुए रेलवे क्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, प्रतीक्षालय और ट्रेनों में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जीआरपी को विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे रेलवे क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में बांटकर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू आवागमन सुनिश्चित हो सके। पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने की तैयारी की है। कांवड़ के आकार, ध्वनि प्रदूषण और डीजे-लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन कराया जाएगा। राज्य की सीमाओं और यात्रा मार्गों पर नियमित चेकिंग की जाएगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को रेल की छतों पर यात्रा न करने और सुरक्षित तरीके से यात्रा करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर रहेगी साइबर टीम की नजर
कांवड़ यात्रा से जुड़ी यातायात व्यवस्था, मौसम, सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार साझा की जाएंगी। साइबर कमांडो की विशेष टीम हरिद्वार में तैनात रहकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी करेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अफवाह, भ्रामक पोस्ट या आपत्तिजनक सामग्री सामने आने पर तत्काल उसका खंडन किया जाए और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। डीजीपी ने मेले में तैनात पुलिस कर्मियों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। ड्यूटी स्थल के आसपास जवानों के रहने, भोजन, पेयजल और विश्राम की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है, जिससे वे बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभा सकें। डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस कांवड़ मेला 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाएगा, जबकि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
