मेडिकल कॉलेजों में अब शाम को भी मिलेगी OPD सुविधा, किडनी ट्रांसप्लांट जल्द..
उत्तराखंड: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर व सुलभ बनाने के लिए सरकार ने कई अहम कदम उठाने की तैयारी की है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता बढ़ाने, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करने और चिकित्सकीय स्टाफ की कमी दूर करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए। इसके लिए अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से ई-हॉस्पिटल की दिशा में आगे बढ़ाने और एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली को जल्द लागू करने पर जोर दिया गया।
जिला अस्पतालों की NABH मान्यता पर फोकस..
अस्पतालों में इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों को नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) से मान्यता दिलाने की योजना है। पहले चरण में सभी जिला अस्पतालों और बड़े उप जिला अस्पतालों को 31 मार्च 2027 तक NABH मान्यता दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पताल निर्धारित मानकों को समय पर पूरा कर सकें।सरकारी अस्पतालों में चल रही डायलिसिस सेवाओं को अब 24 घंटे संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा भी जल्द शुरू करने की तैयारी है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा तैयार है और विशेषज्ञ की व्यवस्था भी की जा चुकी है। मुख्य सचिव ने अगले तीन महीने के भीतर किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू करने के निर्देश दिए।
खाली पद भरने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं लेने पर जोर
सरकारी अस्पतालों में खाली चिकित्सकीय पदों को जल्द भरने के निर्देश भी दिए गए हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवाएं देने के इच्छुक डॉक्टरों के लिए सेवानिवृत्ति से पहले ही जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया है, ताकि जरूरत के अनुसार उन्हें दोबारा सेवाओं से जोड़ा जा सके। इसके अलावा निजी अस्पतालों में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को विजिटिंग डॉक्टर के रूप में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
मेडिकल कॉलेजों में शुरू होगी इवनिंग ओपीडी..
मेडिकल कॉलेजों में इवनिंग ओपीडी शुरू करने पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त फैकल्टी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।मुख्य सचिव ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अभिभावकों को अस्पताल, नगर निगम या अन्य सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए प्रभावी और सरल व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण, ई-हॉस्पिटल व्यवस्था, बेहतर मानव संसाधन और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
