September 10, 2026
jhala panchyat

पर्यटन स्थल झाला को बनाया जाएगा प्लास्टिक मुक्त, पंचायत ने लागू किए नए नियम..

 

 

 

उत्तराखंड: हिमालयी पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में उत्तरकाशी की ग्राम पंचायत झाला ने अहम कदम उठाया है। पर्यटन क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाली झाला पंचायत ने अपने इलाके को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने का फैसला लिया है। इसके तहत सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल के साथ ही उसकी बिक्री और भंडारण पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। ग्राम प्रधान अभिषेक रौंतेला की अध्यक्षता में हुई ग्राम सभा की बैठक में ‘ग्राम पंचायत झाला ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता उपविधियां-2026’ को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। पंचायत का उद्देश्य प्लास्टिक नियंत्रण के साथ पूरे क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करना है।

घरों से लेकर होटल-होमस्टे तक कचरे का पृथक्करण जरूरी

नई व्यवस्था लागू होने के बाद पंचायत क्षेत्र के घरों के अलावा दुकानों, होमस्टे, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कचरे को शुरुआत से ही अलग-अलग रखना होगा। गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण को अनिवार्य किया गया है, जिससे कचरे के निस्तारण और रिसाइक्लिंग की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सके। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने, खुले में गंदगी करने या प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने पर पंचायत के प्रावधानों के तहत कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। ग्राम प्रधान अभिषेक रौंतेला ने कहा कि झाला एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है और सालभर यहां पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण को सुरक्षित रखना पंचायत की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भागीरथी घाटी, प्राकृतिक जलस्रोत और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को प्लास्टिक और दूसरे प्रदूषण से बचाने के लिए पंचायत स्तर पर ठोस कदम उठाना जरूरी है। नई उपविधियां उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम-2016 और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की गई हैं। पंचायत की योजना केवल सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने तक सीमित नहीं है। झाला को प्लास्टिक मुक्त और जीरो-वेस्ट मॉडल पंचायत के तौर पर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।

‘थैंक यू नेचर’ अभियान से भी जुड़ा है झाला

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में झाला पहले भी पहल कर चुकी है। यहां से शुरू हुआ ‘थैंक यू नेचर’ अभियान चर्चा में रहा था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इसका उल्लेख किया था। अब पंचायत उसी पर्यावरणीय सोच को आगे बढ़ाते हुए प्लास्टिक नियंत्रण, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को स्थानीय स्तर पर प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। ग्राम सभा की बैठक में उपप्रधान विशाल विश्वकर्मा समेत पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। बैठक में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े फैसलों को लेकर ग्रामीणों की भागीदारी भी रही।

 

 

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