हरिद्वार में नौ उपनिरीक्षकों के ट्रांसफर, नगर समेत कई थाना-कोतवालियों में बदली जिम्मेदारी..
उत्तराखंड: हरिद्वार जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार ने उपनिरीक्षक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। जिले के अलग-अलग थाना और शाखाओं में तैनात नौ उपनिरीक्षकों के तबादले किए गए हैं। स्थानांतरण के बाद अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग में हुए इस फेरबदल के तहत कुछ उपनिरीक्षकों को थाना स्तर पर नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को एक थाना क्षेत्र से दूसरे स्थान पर भेजा गया है। माना जा रहा है कि इस बदलाव का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है।
किस अधिकारी को कहां भेजा गया?
स्थानांतरण सूची के अनुसार जीडी भट्ट को कोतवाली नगर से हटाकर कोतवाली भगवानपुर में वरिष्ठ उपनिरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं नंद किशोर ग्वाड़ी को रानीपुर से कोतवाली नगर भेजा गया है। इसी क्रम में लखपत बुटोला का स्थानांतरण एएनटीएफ शाखा से कोतवाली रानीपुर किया गया है। रमेश सैनी को भगवानपुर से झबरेड़ा भेजा गया है, जबकि सत्येंद्र भंडारी अब झबरेड़ा से कोतवाली रुड़की में अपनी सेवाएं देंगे। पुलिस विभाग की ओर से किए गए अन्य तबादलों में राजेश बिष्ट को कलियर से लक्सर भेजा गया है। वहीं नितिन चौहान का स्थानांतरण लक्सर से कलियर किया गया है। इसके अलावा मनोज गैरोला को बहादराबाद से कनखल और अशोक सिरसवाल को रुड़की से बहादराबाद भेजा गया है।
कई थाना क्षेत्रों में बदली जिम्मेदारी
इन तबादलों के बाद जिले के कई प्रमुख थाना क्षेत्रों में उपनिरीक्षकों की जिम्मेदारियां बदल गई हैं। खासतौर पर रुड़की, भगवानपुर, रानीपुर, लक्सर, कलियर, कनखल और बहादराबाद क्षेत्र में पुलिस अधिकारियों की तैनाती में बदलाव हुआ है। पुलिस महकमे में समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे स्थानांतरणों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का अनुभव देना भी होता है। नई तैनाती के बाद संबंधित अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी होगी। उपनिरीक्षकों के स्थानांतरण के बाद अब संबंधित थाना और चौकी क्षेत्रों में नई जिम्मेदारियां संभालने की प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि नई तैनाती के साथ अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और आम लोगों से बेहतर समन्वय पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
