अपने जन्मदिन पर दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे सीएम धामी..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्मदिन की शुरुआत एक अलग अंदाज में की। सुबह सीएम अपनी पत्नी गीता धामी के साथ राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIVH) पहुंचे और वहां दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताया। सीएम ने बच्चों के बीच केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया और उनसे बातचीत कर उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। सीएम के अचानक बच्चों के बीच पहुंचने से संस्थान में मौजूद बच्चों और स्टाफ में भी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान सीएम ने बच्चों से सहज अंदाज में बातचीत की और उनके साथ कुछ समय बिताया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री एवं मसूरी विधायक गणेश जोशी भी मौजूद रहे।
जन्मदिन के मौके पर बच्चों के साथ मुलाकात को लेकर सीएम ने कहा कि NIVH में बिताया गया समय उनके लिए बेहद भावुक और यादगार रहा। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ केक काटने और उनसे बातचीत करने के दौरान उनके चेहरे पर दिखाई देने वाली मासूम मुस्कान और आत्मविश्वास ने उन्हें भावुक कर दिया। जन्मदिन पर बच्चों के बीच पहुंचना और उनके साथ खुशियां साझा करना उनके लिए किसी विशेष उपहार से कम नहीं है। उन्होंने बच्चों के साथ बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई, रुचियों और दैनिक गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ली। सीएम धामी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के भीतर प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें अपनी क्षमताओं को सामने लाने के लिए उपयुक्त अवसर और प्रोत्साहन देने की है। बच्चों को शिक्षा, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। सही सहयोग और प्रोत्साहन मिलने पर ये बच्चे अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
सीएम के जन्मदिन कार्यक्रम में उनकी पत्नी गीता धामी भी उनके साथ मौजूद रहीं। दोनों ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके बीच कुछ समय बिताया। इस दौरान बच्चों के साथ बातचीत और मुलाकात का माहौल काफी सहज रहा। सीएम ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सीएम ने अपने जन्मदिन के अवसर पर बच्चों के बीच पहुंचकर दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि समाज में हर व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बच्चों के हुनर और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए परिवार, समाज और संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा। NIVH पहुंचने के दौरान मुख्यमंत्री ने संस्थान में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और गतिविधियों की जानकारी भी ली। उन्होंने बच्चों के साथ बातचीत कर उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास किया। दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए ीएम मुख्यमंत्री ने उनके बेहतर भविष्य के लिए सहयोग की भावना पर जोर दिया।
