कुंभ मेले की तैयारियों में नहीं होगी देरी, त्योहारों पर भी जारी रहेगा निर्माण कार्य..
उत्तराखंड: कुंभ मेले की तैयारियों को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए प्रशासन ने निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। आगामी त्योहारी सीजन में श्रमिकों के अपने घर लौटने से काम प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही गंगनहर की प्रस्तावित बंदी के दौरान घाटों के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया है। शुक्रवार शाम मेला नियंत्रण भवन स्थित सीसीआर सभागार में गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समिति की बैठक हुई। इसमें विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के साथ नए प्रस्तावित कार्यों पर भी चर्चा की गई। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों की कमी या संसाधनों के अभाव में किसी भी परियोजना की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
त्योहारों में भी पर्याप्त रहेंगे श्रमिक
बैठक में दशहरा और दीपावली के दौरान श्रमिकों के छुट्टी पर जाने की संभावना पर चर्चा की गई। मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि वे पहले से श्रमिकों की उपलब्धता का आकलन करें और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त मजदूरों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इससे त्योहारों के दौरान भी निर्माण कार्य लगातार जारी रखे जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले से जुड़े सड़क, पुल और घाटों के निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे करना जरूरी है। इसके लिए श्रमिकों के साथ मशीनरी और निर्माण सामग्री की उपलब्धता भी पहले से सुनिश्चित की जाए। विभिन्न विभाग आपसी समन्वय से काम करें और निर्माण के दौरान आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान निकालें।
गंगनहर बंदी के दौरान तेज होगा घाटों का निर्माण
कुंभ की तैयारियों के लिहाज से गंगनहर की प्रस्तावित बंदी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से गंगनहर बंद की जाएगी और दीपावली के दिन दोबारा पानी छोड़े जाने की योजना है। इस अवधि का अधिकतम उपयोग करने के लिए मंडलायुक्त ने घाटों के निर्माण की विस्तृत योजना पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नहर बंद होने से पहले निर्माण सामग्री, मशीनरी और श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि काम शुरू होने के बाद किसी तरह की देरी न हो। जरूरत पड़ने पर दिन और रात की अलग-अलग शिफ्ट में भी निर्माण कराया जाए। मेलाधिकारी सोनिका ने बैठक में कहा कि कुंभ मेले से संबंधित निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए कार्यस्थलों पर श्रमिकों और संसाधनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है और सभी विभागों को तय समयसीमा के अनुरूप काम आगे बढ़ाने को कहा गया है।
बैठक में पहले से चल रही परियोजनाओं की प्रगति के साथ नए कार्यों को स्वीकृति देने से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि श्रमिकों की वैकल्पिक व्यवस्था, पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता और दिन-रात निर्माण कार्यों के माध्यम से निर्धारित समयसीमा का पालन करने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन का जोर है कि आगामी कुंभ मेले से पहले सभी जरूरी निर्माण कार्य पूरे हों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
