PRD जवानों का सरकार को अल्टीमेटम, 1 नवंबर को होगा आंदोलन की अगली रणनीति का ऐलान..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं। लंबे समय से मांगों पर निर्णय नहीं होने से नाराज जवान अब प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं। बुधवार को देहरादून के गांधी पार्क में सहसपुर, रायपुर और डोईवाला ब्लॉक के जवानों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन का अगला चरण शुरू किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता देहरादून के जिला अध्यक्ष नवीन सिंह बिष्ट और प्रदेश महासचिव वीर सिंह रावत ने की। इस दौरान विभिन्न ब्लॉकों के पदाधिकारियों और जवानों ने अपनी समस्याओं पर चर्चा की और संगठन के आगामी फैसलों में साथ देने की बात कही।
110 दिन के धरने के बाद भी फैसले का इंतजार
बैठक में जवानों ने कहा कि वे अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इस वर्ष 18 मार्च से एकता विहार धरना स्थल पर लगातार 110 दिनों तक प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद 7 जुलाई को विभागीय मंत्री रेखा आर्य के साथ हुई बातचीत और आश्वासन के बाद धरना स्थगित कर दिया गया। जवानों के मुताबिक, उस समय उनकी मांगों को आगामी कैबिनेट बैठक में रखने का भरोसा दिया गया था। हालांकि, कई कैबिनेट बैठकें होने के बाद भी अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
मानदेय और सालभर रोजगार की मांग
पीआरडी जवानों की प्रमुख मांग है कि उन्हें वर्तमान मानदेय व्यवस्था के स्थान पर होमगार्ड जवानों की तर्ज पर मूल वेतन और महंगाई भत्ता दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पूरे साल रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। जवानों का कहना है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन और विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं देते हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित रोजगार और आर्थिक सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। उनका मानना है कि इन समस्याओं का समाधान होने से उन्हें आर्थिक स्थिरता मिल सकेगी।
1 नवंबर को सामने आएगी आंदोलन की रणनीति
बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलन की अगली रूपरेखा तैयार करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों और ब्लॉकों से सुझाव जुटाए जाएंगे। सहसपुर, रायपुर और डोईवाला के जवानों ने भी अपनी राय रखी। प्रदेश संगठन की ओर से 1 नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न जिलों से मिले सुझावों के आधार पर आंदोलन के अगले चरण की जानकारी दी जाएगी। फिलहाल आंदोलन के स्वरूप और कार्यक्रम को लेकर अंतिम घोषणा नहीं की गई है। बैठक में शामिल जवानों ने कहा कि वे अब तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठाते रहे हैं। यदि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की गई तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जा सकता है। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
