उत्तराखंड SIR- 71.33 लाख मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची जारी, नाम हटाने के नियम में बड़ा बदलाव..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है। इसके साथ ही जिन मतदाताओं के विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि पाई गई है, उन्हें नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अब मतदाता अपने नाम, पता, आयु या अन्य जानकारियों में सुधार के लिए निर्धारित अवधि के भीतर दावा और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। बुधवार को सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्हें प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल प्रति भी उपलब्ध कराई गई। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के पहले चरण में राजनीतिक दलों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए आगे भी सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा जताई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के प्रथम चरण के पूरा होने के बाद प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 71 लाख 33 हजार 785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। समीक्षा के दौरान करीब 8 लाख 26 हजार मतदाता एएसडी (Absent, Shift, Death) श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। ऐसे मामलों का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले जहां राज्य में 11,733 मतदान केंद्र थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 12,543 हो गई है। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य मतदाताओं को अधिक सुविधाजनक मतदान केंद्र उपलब्ध कराना और चुनाव प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाना है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जो पात्र नागरिक अब तक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा सके हैं, उन्हें एक और अवसर दिया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को फॉर्म-6 उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि नए मतदाताओं का पंजीकरण आसानी से किया जा सके। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 14 जुलाई से 13 अगस्त तक मतदाता फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से नए नाम जोड़ने, नाम हटाने या मतदाता विवरण में संशोधन संबंधी दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए एक आवेदक अधिकतम पांच आवेदन ही प्रस्तुत कर सकेगा। यदि इससे अधिक आवेदन एक ही व्यक्ति की ओर से किए जाते हैं तो संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) प्रत्येक मामले की अलग से जांच कराएंगे।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, 14 जुलाई से 11 सितंबर तक नोटिस जारी करने, दावे-आपत्तियों के निस्तारण और आवश्यक जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद संशोधित और अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के परीक्षण के दौरान करीब 19 लाख मतदाताओं के विवरण में विभिन्न प्रकार की त्रुटियां सामने आई हैं। ऐसे सभी मामलों में संबंधित ईआरओ और एईआरओ की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि इस चरण में उनके बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मतदाता सूची को अधिक से अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित बनाया जा सके। निर्वाचन विभाग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य प्रदेश की मतदाता सूची को अद्यतन, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, जिससे भविष्य में होने वाले चुनावों में प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का सुचारु रूप से उपयोग कर सके।
