जौनसार-बावर में मानसून से पहले विद्युत व्यवस्था की तैयारी तेज..
अधिकारियों को हर स्थिति से निपटने के निर्देश..
उत्तराखंड: मानसून सीजन में बारिश, भूस्खलन और पेड़ों के गिरने जैसी घटनाओं से बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए ऊर्जा निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जौनसार-बावर क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधीनस्थ अधिकारियों को मानसून के दौरान हर समय अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी के निर्देश पर ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता युद्धवीर सिंह तोमर ने जौनसार-बावर क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने सहिया स्थित विद्युत उपकेंद्र का औचक निरीक्षण करते हुए मानसून के दौरान बिजली आपूर्ति की तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात के समय बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को लंबे समय तक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि किसी भी तकनीकी खराबी को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द ठीक कर आपूर्ति बहाल की जाए।
उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित विद्युत उपकेंद्रों पर आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण पहले से सुनिश्चित करने को कहा। इसके तहत त्यूनी, सावड़ा, चकराता और सहिया जैसे क्षेत्रों में बिजली के पोल, तार और अन्य जरूरी उपकरणों का स्टॉक उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में तत्काल व्यवस्था की जा सके। अधीक्षण अभियंता युद्धवीर सिंह तोमर ने कहा कि मानसून के दौरान कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेड़ पहाड़ी क्षेत्र में मलबा आने की संभावना बनी रहती है, जिससे आवागमन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में बिजली व्यवस्था से जुड़ी सामग्री पहले से संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचाना जरूरी है, जिससे किसी भी आपदा या तकनीकी समस्या के दौरान राहत कार्य में देरी न हो। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में सहिया, चकराता, सावड़ा, त्यूनी, हनोल और आराकोट समेत अन्य क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान विद्युत व्यवस्था और तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
बिजली चोरी और गलत मीटर रीडिंग पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता ने क्षेत्र में बिजली चोरी और मीटर रीडिंग से जुड़ी शिकायतों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर क्षेत्र में तकनीकी नुकसान का स्तर काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिसके पीछे लंबी बिजली लाइनों के साथ-साथ बिजली चोरी और मीटर रीडिंग में लापरवाही भी प्रमुख कारण हैं। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही क्षेत्र में मीटर रीडिंग की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए औचक जांच करने की बात कही। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि हाल ही में चकराता विद्युत उपखंड में मीटर रीडरों के साथ बैठक कर उन्हें सही और समय पर बिलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। अब गांव-गांव जाकर मीटर रीडिंग की क्रॉस चेकिंग की जाएगी। यदि जांच में किसी कर्मचारी या मीटर रीडर की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऊर्जा निगम का कहना है कि मानसून के दौरान उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
