विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिर में उमड़ी आस्था, तुंगनाथ धाम में रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचे..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में इस वर्ष यात्रा सीजन के दौरान श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। भगवान शिव के पंचकेदारों में शामिल और विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिर के रूप में प्रसिद्ध तुंगनाथ धाम ने इस बार दर्शनार्थियों की संख्या के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। अब तक 1,24,676 से अधिक श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन, पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर चुके हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में सबसे अधिक माना जा रहा है, जो तुंगनाथ धाम के प्रति श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन के विस्तार का स्पष्ट संकेत है।
समुद्र तल से लगभग 12,073 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ धाम अपनी धार्मिक महत्ता के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य और हिमालय की मनोरम वादियों के कारण देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां भगवान शिव का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं, लेकिन इस बार यात्रा के शुरुआती महीनों से ही श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही।विशेष रूप से सप्ताहांत, सरकारी अवकाश और श्रावण मास के दौरान धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। चोपता से तुंगनाथ तक का पैदल मार्ग पूरे यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की आवाजाही से गुलजार रहा। धार्मिक वातावरण, हर-हर महादेव के जयघोष और हिमालय की शांत वादियों के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की।
इस वर्ष बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या का सकारात्मक असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। चोपता, बणियाकुंड, दुगलबिट्टा, मक्कूमठ और आसपास के क्षेत्रों में होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट, स्थानीय दुकानों, घोड़ा-खच्चर सेवा संचालकों और पर्यटन से जुड़े अन्य कारोबारियों को अच्छी आमदनी हुई है। बड़ी संख्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आगमन से स्थानीय युवाओं को भी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिले हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने के लिए मंदिर समिति, स्थानीय प्रशासन, तीर्थ पुरोहितों और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाएं, आपातकालीन सेवाएं और मार्ग प्रबंधन जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। इसके चलते श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान अपेक्षाकृत बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। तुंगनाथ धाम के प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अब तक धाम में दर्शन करने वालों में 64,393 पुरुष, 53,290 महिलाएं, 6,765 बच्चे, 159 साधु-संत और 69 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। सभी श्रद्धालुओं ने भगवान तुंगनाथ के समक्ष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर परिवार की खुशहाली, देश की समृद्धि और विश्व शांति की कामना की।
मंदिर समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस आंकड़े में केवल वे श्रद्धालु शामिल हैं जिन्होंने मंदिर पहुंचकर दर्शन किए हैं। चोपता से सीधे चंद्रशिला की ओर जाने वाले पर्यटकों को इस गणना में शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में यदि उन पर्यटकों की संख्या भी जोड़ी जाए तो तुंगनाथ क्षेत्र में इस वर्ष पहुंचने वाले लोगों का वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है। धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में लगातार बढ़ती लोकप्रियता के साथ तुंगनाथ धाम उत्तराखंड की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि यात्रा सीजन के शेष समय में भी श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होगी, जिससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय कारोबार और रोजगार को भी नई गति मिलेगी।
