सालों की झुग्गी वाली जिंदगी से मिली राहत, 13 जरूरतमंद परिवारों को मिला अपना घर..
उत्तराखंड: हरिद्वार के बैरागी कैंप की झुग्गियों में लंबे समय से जिंदगी गुजार रहे 13 परिवारों के लिए अब अपना पक्का घर मिलने का सपना सच हो गया है। जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट दिलाने में निस्वार्थ कदम संस्था ने आर्थिक मदद की है। संस्था की ओर से फिलहाल 13 परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। परिवारों को फ्लैट की चाबी भी मिल गई है और जल्द ही गृह प्रवेश की तैयारी है। संस्था का दावा है कि बैरागी कैंप में पिछले करीब दस वर्षों से जरूरतमंद परिवारों के लिए काम किया जा रहा है। इस बार 50 परिवारों को पक्की छत दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। बैरागी कैंप क्षेत्र कुंभ मेले के लिए आरक्षित भूमि में आता है और यहां की जमीन सिंचाई विभाग के अधीन है। लंबे समय से कई परिवार यहां झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे हैं। इन परिवारों को बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ जलभराव की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। बड़े आयोजनों के दौरान क्षेत्र की झुग्गियों को हटाने की कार्रवाई भी होती रही है। ऐसे में इन परिवारों के सामने स्थायी आवास का संकट बना हुआ था।
PM आवास योजना से मिला पक्की छत का रास्ता
निस्वार्थ कदम संस्था के सदस्य रोहित वर्मा के अनुसार बैरागी कैंप में रह रहे परिवारों की स्थिति को देखते हुए सरकार और प्रशासन से भी संपर्क किया गया। लेकिन जमीन की स्थिति के कारण वहीं मकान बनाना संभव नहीं था। इसके बाद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी दी गई और योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अन्नैकी हेतमपुर गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट तैयार किए जा रहे हैं। एक फ्लैट की कीमत करीब छह लाख रुपये बताई गई है। योजना के तहत लाभार्थी को करीब तीन लाख रुपये की राशि जमा करनी होती है, जबकि शेष राशि सब्सिडी के रूप में मिलती है।
जरूरतमंद परिवारों के लिए तीन लाख रुपये की व्यवस्था करना आसान नहीं था। ऐसे में संस्था ने पात्र परिवारों की ओर से यह राशि उपलब्ध कराने का फैसला किया। फिलहाल 50 परिवारों में से 13 को तीन-तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। संस्था के अनुसार बाकी परिवारों के दस्तावेज और कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भी निर्धारित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
‘राशन देने से आगे बढ़कर स्थायी सहारा देना लक्ष्य’
रोहित वर्मा ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल जरूरतमंदों को भोजन या राशन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें लंबे समय के लिए आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन देने की दिशा में काम करना है। बैरागी कैंप में संस्था पिछले करीब एक दशक से जरूरतमंद परिवारों के बीच काम कर रही है। लाभार्थी प्रियंका ने बताया कि लंबे समय तक झुग्गी में रहने के बाद अब पक्का घर मिलने की खुशी अलग है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि हरिद्वार में उनका अपना घर भी होगा। फ्लैट की चाबी मिलने के बाद अब परिवार जल्द ही नए घर में गृह प्रवेश करने की तैयारी कर रहा है। संस्था का लक्ष्य 50 परिवारों को इस योजना के जरिए पक्की छत उपलब्ध कराने का है। 13 परिवारों को सहायता मिलने के बाद अब बाकी परिवारों की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है।
