September 29, 2026
ongc

इंडिया एनर्जी वीक को लेकर देहरादून में कार्यक्रम, ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों पर चर्चा..

 

 

 

उत्तराखंड: पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े व्यवधानों के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए बीते वर्षों में कई स्तरों पर क्षमता बढ़ाई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने कच्चे तेल की खरीद के लिए देशों पर निर्भरता को व्यापक बनाया है। अब भारत 27 देशों के बजाय 41 देशों से क्रूड की सोर्सिंग कर रहा है। देहरादून में आयोजित ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री की ओर से देश की ऊर्जा सुरक्षा, रिफाइनिंग क्षमता और रणनीतिक भंडारण से जुड़े आंकड़े साझा किए गए। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सामने आ रही चुनौतियों के बीच भारत ने अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर लगातार काम किया है।

रणनीतिक तेल भंडारण क्षमता 5.33 मिलियन टन
भारत की रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण क्षमता में भी विस्तार हुआ है। मौजूदा समय में यह क्षमता 5.33 मिलियन टन तक पहुंच गई है। इसके साथ ही देश की रिफाइनिंग क्षमता में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार भारत की रिफाइनिंग क्षमता पहले करीब 215 मिलियन टन प्रतिवर्ष थी, जो अब बढ़कर 267 मिलियन टन सालाना हो गई है। इससे घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन और आपूर्ति क्षमता को भी मजबूती मिली है। केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम बंगाल में तेल और गैस क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार राज्य में करीब 17,600 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाएं संचालित हैं। हल्दिया रिफाइनरी की क्षमता को भी विस्तार दिया गया है। पहले जहां इसकी क्षमता करीब 2.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष थी, वह बढ़कर 8 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो चुकी है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रिफाइनरी में करीब 8.5 मिलियन टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया गया। अशोकनगर में वर्ष 2018 में हुई तेल खोज को भी ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिनाया गया। परियोजना अब व्यावसायिक उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी है। ओएनजीसी के अशोकनगर क्षेत्र से कच्चे तेल की पहली खेप अगस्त 2026 में हल्दिया पहुंची थी। इस परियोजना में करीब 1,000 करोड़ रुपये के निवेश का उल्लेख किया गया है। इससे देश में घरेलू स्तर पर तेल उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

इंडिया एनर्जी वीक-2027 को लेकर तैयारियां तेज
कार्यक्रम के दौरान इंडिया एनर्जी वीक-2027 की तैयारियों और इसके संभावित स्वरूप की भी जानकारी दी गई। आयोजन को वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख मंच के रूप में विकसित करने की योजना है। आयोजकों के मुताबिक आगामी संस्करण में 75 हजार से अधिक ऊर्जा पेशेवरों और 700 से ज्यादा प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। पिछले संस्करण में 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इस बार कार्यक्रम में पारंपरिक तेल और गैस क्षेत्र के साथ-साथ हाइड्रोजन, जैव ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, एलएनजी, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेट-जीरो, ऊर्जा संक्रमण और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर भी चर्चा प्रस्तावित है।

देहरादून में विशेषज्ञों और शिक्षाविदों की भागीदारी
देहरादून में हुए कार्यक्रम में ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, पेशेवर और शिक्षाविद शामिल हुए। ओएनजीसी के निदेशक मानव संसाधन मनीष पाटील, कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख GEOPIC नेबुला बागची, कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख KDMIPE तरुण कुमार माथुरिया, कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख IDT अजय रतन और कार्यकारी निदेशक सुभोजित बोस समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। निगमित संचार एवं सीएसआर के उपमहाप्रबंधक एवं प्रभारी विशाल शर्मा ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इसके अलावा ग्राफिक एरा और यूपीईएस से जुड़े शिक्षाविदों तथा ऊर्जा क्षेत्र के अन्य विशेषज्ञों ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान इंडिया एनर्जी वीक-2027 से संबंधित वीडियो प्रस्तुति दिखाई गई। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों ने ऊर्जा क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों और भविष्य की चुनौतियों पर विचार साझा किए। ‘समुद्र मंथन’ सहित ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और तकनीकी पहलों की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और ऊर्जा क्षेत्र के पेशेवरों को बदलते ऊर्जा परिदृश्य से जोड़ना रहा। इसके जरिए अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग को लेकर संवाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने कोलकाता से प्रसारित इंडिया एनर्जी वीक-2027 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट भी देखा।

 

 

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *