उत्तराखंड में एसआईआर अभियान की बड़ी प्रगति, 88 फीसदी गणना प्रपत्र वितरित..
उत्तराखंड: आगामी निर्वाचन प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में उत्तराखंड ने महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। राज्यभर में मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाने का कार्य तेजी से जारी है और अब तक 88 प्रतिशत से अधिक पात्र मतदाताओं को प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। निर्वाचन विभाग अब इस अभियान के अगले चरण के तहत फार्मों के डिजिटाइजेशन और ऑनलाइन अपडेट प्रक्रिया को गति देने पर जोर दे रहा है। सोमवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सभी जिलाधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों के साथ अभियान की प्रगति का जायजा लिया। बैठक के दौरान उन जिलों की सराहना की गई जिन्होंने निर्धारित समय के भीतर बड़ी संख्या में मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया है। साथ ही इन जिलों को अब दूसरे चरण में डिजिटल डेटा संकलन और रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों और मतदान केंद्रों में गणना प्रपत्र वितरण की गति राज्य के औसत से कम है। ऐसे क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने और अतिरिक्त मोबाइल टीमों की तैनाती करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि दूरस्थ क्षेत्रों में अतिरिक्त मानव संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने से अभियान को और गति मिलेगी। निर्वाचन विभाग ने विशेष रूप से उन इलाकों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए हैं जहां इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। ऐसे शैडो क्षेत्रों में मोबाइल एवं आईटी टीमों को भेजा जाएगा ताकि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को तकनीकी सहयोग मिल सके और मतदाता संबंधी जानकारी समय पर ऑनलाइन दर्ज की जा सके।
बैठक में ऑनलाइन गणना प्रपत्र भरने की धीमी गति पर भी चिंता व्यक्त की गई। विभागीय अधिकारियों ने पाया कि कई क्षेत्रों में मतदाता अभी भी ऑनलाइन माध्यम का अपेक्षित उपयोग नहीं कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। लोगों को ऑनलाइन फार्म भरने के लाभों और प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार बढ़ाया जाएगा। निर्वाचन विभाग ने बीएलओ को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने के लिए भी कदम उठाए हैं। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि बीएलओ एप के नए मॉड्यूल्स का प्रशिक्षण छोटे-छोटे समूहों में आयोजित किया जाए ताकि प्रत्येक अधिकारी को प्रणाली की पूरी जानकारी मिल सके और डेटा एंट्री में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के मतदाताओं से अपील की है कि वे गणना प्रपत्र जमा करते समय अपना नवीनतम पासपोर्ट आकार का फोटो भी उपलब्ध कराएं। इससे मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक सटीक बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सात जुलाई तक चलने वाले घर-घर संपर्क अभियान के दौरान मतदाताओं को गणना प्रपत्र के साथ किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। निर्वाचन विभाग ने नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन सेवाओं को भी सक्रिय रखा है। मतदाता किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर पर संचालित हेल्पलाइन नंबर 180033001950 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि भविष्य में होने वाले चुनावों में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में सुनिश्चित हो सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जा सके।
